*दैनिक योग का अभ्यास - क्रम*
*प्रारंभ* : तीन बार ओ३म् लंबा उच्चारण करें।
*गायत्री - महामंत्र* : ओ३म् भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न प्रचोदयात्।।
*महामृत्युंजय - मंत्र* : ओ३म् त्रंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम उर्वारुकमिव बंधनामृत्योर्मोक्षिय माऽमृतात्।।
*संकल्प - मंत्र* : ओ३म् सह नवावतु। सह नो भुनक्तु। सह वीर्य करवावहै।तेजस्विनावधीतमस्तु।मा विद्विषावहै।।
*प्रार्थना - मन्त्र* ओ३म् ॐ असतो मा सद् गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्माऽमृतं गमय। ओ३म् शान्ति: शान्ति: शान्ति:।।
*सहज - व्यायाम : यौगिक जौगिंग*
(समय- लगभग 5 मिनट)
सूर्य - नमस्कार 3 से 5 अभ्यास (समय- 1से 2 मिनट)
*भारतीय - व्यायाम* : मिश्रदण्ड अथवा युवाओं के लिए बारह प्रकार की दण्ड व आठ प्रकार की बैठकों का पूर्ण अभ्यास (समय- लगभग 5 मिनट)
*मुख्य आसन*:
*बैठ कर करने वाले आसन*: मंडूकासन (भाग 1 व 2) शशकासन, गोमुखासन,वक्रासन।
*पेट के बल लेट कर करने वाले आसन*: मकरासन भुजंगासन (भाग 1 2 व 3) शलभासन ( भाग 1 व 2) *पीठ के बल लेटकर करने वाले आसन*: मर्कटासन (1, 2, 3), पवनमुक्तासन (भाग 1 व 2) अर्ध्द हलासन, पादवृतासन, द्वि- चक्रिकासन (भाग 1 व 2) व *शवासन (योगनिंद्रा)*। समय 10 से 15 मिनट, प्रत्येक आसन की आवर्ती- 3 से 5 अभ्यास)
*सूक्ष्म - व्यायाम* : हाथों, पैरों, कोहनी, कलाई, कंधों के सूक्ष्म व्यायाम व बटरफ्लाई इत्यादि लगभग 12 प्रकार के सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम के पहले अथवा बीच में भी किए जा सकते हैं। प्रत्येक अभ्यास की आवृत्ति 5 - 10 बार (समय लगभग 5 मिनट)।
*मुख्य प्राणायाम एवं सहयोगी क्रिया*
*1.भस्त्रिका - प्राणायाम*लगभग 5 सेकंड में धीरे-धीरे लंबे गहरे श्वास लेना व छोड़ना कुल समय 3 से 5 मिनट।
*2. कपालभाति - प्राणायाम* : 1 सेकंड में एक बार झटके के साथ श्वास छोड़ना कुल समय 15 मिनिट ।
*3. बाह्य - प्राणायाम* : त्रिबन्ध के साथ श्वास को यथा शक्ति रोकर रखना 3 से 5 अभ्यास।
*(अग्निसार - क्रिया)* : मूल- बन्ध के साथ पेट को अंदर की ओर खींचना व ढीला छोड़ 3 से 5 अभ्यास।
*4. उज्जायी - प्राणायाम* : गले का आकुञचन करते हुए श्वास लेना व बाईं नासिका से छोड़ना 3 से 5 अभ्यास।
*5. अनुलोम - विलोम प्रणायाम*: दाईं नासिका बंद करके बाईं से श्वास लेना वह बाईं को बंद करके दाईं से श्वास छोड़ने का क्रम, इसी प्रकार बाईं और से करना, एक क्रम का समय 10 सेकण्ड - अभ्यास समय 15 मिनट।
*6. भ्रामरी प्रणायाम* : आंखों व कानों बंद करके नासिका से भ्रमर की तरह गुंजन करना - 5 से 7 बार।
*7. उद् गीथ - प्राणायाम* दीर्घ स्वर में ओ३म् का उच्चारण 5 से 7 अभ्यास।
*8. प्रणव - प्राणायाम (ध्यान)* : आंखें बंद करके श्वसों पर या चक्रों में ॐ का ध्यान मुद्रा में ध्यान करना - समय कितना उपलब्ध हो।
*देशभक्ति - गीत* : समय लगभग 2-3 मिनट।
स्वाध्याय - चिन्तन : जीवन दर्शन, स्वाभिमान संकल्प - पत्र, ग्राम निर्माण से राष्ट्र निर्माण व संगठन के अन्य प्रसांगिक साहित्य का क्रमबद्ध वाचन समय लगभग 5 मिनट।
*एक्यूप्रेशर* : समय की उपलब्धता अनुसार।
*समापन* : सिंहासन, हास्यासन, 3-3 अभ्यास (समय - 2 मिनट)
*शान्ति - पाठ* : ओ३म् द्यौ: शान्ति रान्तरिक्ष शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरारोषधयःशान्तिः। वनस्पतयः शान्ति र्विश्वे देवाः शान्तिब्रर्ह्म शान्तिः सर्वगृवम शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ।। ओ३म् शान्तिःशान्तिःशान्तिः।।
*विशेष*: योगाभ्यास के क्रम में व्यायाम, सूक्ष्म - व्यायाम व आसनों को पहले या बाद में भी किया जा सकता है। शीतकाल में व्यायाम व आसन पहले तथा प्राणायाम बाद में एवं ग्रीष्म काल में प्रणायाम पहले करवाकर व्यायाम व आसन बाद में कर सकते हैं।